उर्वरक गुण नियंत्रण प्रयोगशालायें
 

उर्वरक गुणवत्ता

उर्वरक विभिन्न फसलों के उत्पादन में प्रमुख आदान है। उर्वरक को आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के अंतर्गत रखा गया है। उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के अंतर्गत प्रयोगशालाओं की स्थापना की गई है। प्रदेश में 6 उर्वरक गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशालाएं भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर तथा दो नवीन प्रयोगशालाऐं उज्जैंन एवं सागर में संचालित है।


उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 में अधिसूचित उर्वरकों के नमूने जिले के उर्वरक निरीक्षकों द्वारा संबंधित उर्वरक परीक्षण प्रयोगशालाओं को भेजे जाते हैं। प्रयोगशालाओं द्वारा परीक्षण कर उर्वरक नमूनों के परिणाम तत्काल संबंधित उप संचालक, कृषि को भेज दिये जाते हैं। अमानक परिणाम की दशा में उप संचालक, कृषि स्तर से उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कार्यवाही की जाती हैं। इस प्रकार अमानक स्तर पर उर्वरक बनाने वाली अथवा प्रदाय करने वाली कंपनियों पर निगरानी रखी जाकर कृषकों को उत्तम गुणवत्ता वाला उर्वरक वितरण में प्रयोगशाला चेक प्वांइट का कार्य करती है।