फसल सिफारिशें

खरीफ फसल - ज्वार

कीट प्रबंधन - ज्वार

कीट एथैरीगोना सोक्काटा
प्रचलित नाम शूट फ्लाई
क्षति
  • यह ज्वार बीजुओं का कीट है।
  • अकुंरण के 28 दिन के अन्दर इस कीट का प्रकोप होता है।
  • इस कीट का आर्थिक क्षति स्तर 1 डिंभक प्रति पौधा है।
  • डिंभक के भक्षण के कारण पौधे का वृध्दिशील भाग सूख जाता है।
  • 1 से 4 सप्ताह के भीतर पौधे का डेड हार्ट बन जाता है।
  • आई.पी. एम
  • वर्षा आने के पूर्व बुआई करें।
  • बीज दर बढ़ाकर (12 से 15 कि.ग्रा./हे) बुआई करें जिससे कीट आक्रमण की क्षति कम हो।
  • डेड हार्ट वाले पौधों को उखाड़कर जला दें।
  • नियंत्रण
  • रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर को पार कर ले।
  • प्ररोह मक्खी का आर्थिक देहली स्तर 10 प्रतिशत मृत केंद्र (ग्रसित तना) या
    एक अण्डा प्रति पौधा 10 प्रतिशत पौधों रहता है।
  • फ्यूरोडॉन 50 एस.पी., 100 ग्राम/कि.ग्रा. बीज की दर से बीज उपचार करें।
  • फ्यूरोडॉन 50 एस.पी., 100 ग्राम/कि.ग्रा. बीज की दर से बीज उपचार करें।
  • दोनदार फोरेट 10 जी. 20 कि.ग्रा./हे, फ्यूराडॉन 3 प्रतिशत की दर से बुआई के समय मिट्टी में मिलाए।
  • कीट मेलानेएफिस सकारी
    प्रचलित नाम चेंपा (एफिड)
    क्षति
  • ये काले रंग के होते है।
  • ये पौधे का रस चूसने वाले कीट है।
  • वयस्क और शिशु पत्तियों का रस चूसते है।
  • पत्तियां में मोटलिंग हो जाती है और पीले धब्बे उभर आते है।
  • पत्तियों पर मीठा चिपचिपा रस फैल जाता है।
  • यह चिपचिपा पदार्थ शूटी फंफूद के विकास को बढ़ावा देता है।
  • आई.पी. एम
  • फसल चक्र अपनाए।
  • खेत में समय समय पर साफ सफाई करें।
  • चिंटे,काक्सीनेलीड्स या सिाफ्डि्स इनके निंयत्रण के लिए असरदायक है।
  • नियंत्रण
  • रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर को पार कर ले।
  • मेटासिसटोक्स 35 ई.सी. 1 लीटर/हे 500 मि.मी. पानी में मिलाकर छिड़काव करें।
    या
  • डाईमेथोएट 30 ई.सी. 800-1000 मि.ली/हे 500 लीटर पानी में छिड़काव करें।
    या
  • मिथाईल डीमाटोन 25 ई.सी. 800-1000 मि.ली/हे 500 लीटर पानी में छिड़काव करें।
  • कीट
    प्रचलित नाम फौजी कीट
    क्षति
  • दन के समय यह कीट तने में रहता है और रात के समय पत्तियों को खाता है।
  • इनके अत्याधिक भक्षक के कारण पौधा पत्ती विहीन हो जाता है और सिर्फ तना रह जाता है।
  • आई.पी. एम
    • खेत के बाहर पानी की नालियां बनाए जिससे की कीड़े खेत में प्रवेश न कर पाए।
    नियंत्रण
  • रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर को पार कर ले।
  • डाईमेथोएट 30 ई.सी. 800 से 1000 मि.ली/हे या
    मिथाइल डाईमेटान 800 से 1000 मि.ली/हे की दर से उपयोग करें। 8 35 ई.सी. मोटेसिसटोक्स 1लीटर/हे की दर से 500 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें।
  • कीट
    प्रचलित नाम प्ररोह मत्कुण शूट बग
    क्षति
  • कीट का आक्रमण अकुंरण के 30 दिन के पश्चात होता है।
  • वयस्क और शिशु पत्तियों को सिकोड़कर पत्तियों का रस चूसते है।
  • सबसे ऊपर की पत्ती पीली पड़ जाती है।
  • भुटटों का विकास धीमा होता है।
  • इनके वयस्क और शिशुओं के द्वारा मीठा चिपचिपा पदार्थ छोड़ा जाता है।
  • आई.पी. एम
  • गर्मी में गहरी जुताई करें।
  • फसल अवशेषों को नष्ट करें।
  • नियंत्रण
  • रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर को पार कर ले।
  • इस कीट का आर्थिक देहली स्तर 10 मत्कुण प्रति बाली है।
  • कार्बाफ्यूरान 3 जी. ज्वार के बांध में डाले।
  • कीट
    प्रचलित नाम ज्वारकी मिज
    क्षति
  • यह कीट सिंतबर अक्टूबर के महीने में अधिक सक्रिय होता है।
  • यह सूर्यादय के तुरन्त बाद हानि पहुचाने के काम आंरभ कर देता है। तथा सूर्यास्त तक इस काम को जारी रखता है।
  • सक्रियता की चरम सीमा दोपहर के समय होती है।
  • इसके लार्वा ज्वार के गर्भाशय ( अण्डाशय या ओवरी ) को खाते है जिससे दानों के विकास की क्रिया खत्म हो जाती है।
  • आई.पी. एम
  • पुराने फसल के अवशेषों को नष्ट करें।
  • प्रतिरोधक किस्में जैसे डी.एस.वी. -3 बोयें।
  • रोग और क्षति ग्रस्त पौधों को उखाड़ कर नष्ट करें।
  • नियंत्रण
  • रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर को पार कर ले।
  • इस कीट का आर्थिक देहली स्तर 5 मिज प्रति बाली है।
  • कार्बारिल 50 एस.पी. 500 लीटर/हे पानी के साथ फूल खुलने के पहले छिड़काव करें।
  • मेलाथीयोन 5 प्रतिशत 8 से 10 कि.ग्रा/हे का बुरकाव फूल आने के पहले करें।
  • कीट काइलोजोनेलिस पोर्टलस
    प्रचलित नाम तना छेदक
    क्षति
  • यह अंकुरण के दो सप्ताह से फसल पकने तक आक्रमण करता है।
  • ज्वार की पत्तियों और कोषों कां यह कीट खाता है।
  • डिंभक पौधे के तनों को खोखला कर देते है।
  • पौधे का ओज समाप्त हो जाता है और कभी कभी पौधे के केन्द्रिय भाग सूखने से वृध्दि रूक जाती है।
  • आई.पी. एम
    • गहरी जुताई करें।
    • फसल के अवशेषों को नष्ट करें।
    • खेत में समय समय पर साफ सफाई करें।
    • फसल की सभी अवस्थाओं में प्रति 7दिनों के अंतराल पर हानिकारक कीट एवं परजीवी, परभक्षी कीटों की संख्या के आंकलन हेतु सामान्य दृष्टिगत निरीक्षण करें ।
    नियंत्रण
  • रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर को पार कर ले।
  • इस कीट का आर्थिक देहली स्तर 10 प्रतिशत पौध क्षति लक्षण के साथ होती है।
  • कार्बारिल 3 जी. या मेलाथीयोन 10 डी. या फ्यूरोडॉन 3 जी. 8 से 12 कि.ग्रा/हे का 20 से 35 दिन अकुंरण के पश्चात उपयोग करें।