फसल सिफारिशें

खरीफ फसल - असिंचित लोलेन्ड धान

कीट प्रबंधन - असिंचित लोलेन्ड धान

कीट टाइपोराइजा इंसर्टुलस
प्रचलित नाम तना छेदक

क्षति
  • कीट की सूड़ियां तने के अन्दर घुसकर कोशिकाओं को खा जाती है। फलस्वरूप पौधे पीले पड़ जाते है।
  • तने के मध्य भाग सूख जाते है जिसे डेड हर्ट कहते है।
  • इस कीट का प्रकोप धान की बाली निकलते समय भी होता है जिससे बिना दाने की सफेद बालियां जिकलती है जिसे व्हाइट इयर हेड ( सफेद बाली) कहते है जो खींचने पर आसानी से निकल जाते है।
आई.पी. एम
  • धान की कटाई के उपरांत खेत की गहरी जुताई करें तथा पौधे के ठूंठे को नष्ट करें।
  • धान की सामायिक रोपाई 20 15 से.मी. की दूरी पर करें।
  • संतुलित उर्वरकों का उपयोग करें जिससे कीटों की संख्या प्रति पौधा कम हो।
  • कीट अवरोधी प्रजातियों की बुआई करें।
  • जल भराव वाले क्षेत्र में रोपाई के समय नर्सरी से उखाड़ी गई पौध की लगभग 25 प्रतिशत चोटी काट दें।
नियंत्रण
  • रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर को पार कर ले।
  • तना छेदक के लिए आर्थिक देहली स्तर 10 प्रतिशत डेडहर्ट है।
  • कार्बाफ्यूरान 3 प्रतिशत रवेदार कीटनाशी 20 कि.ग्रा./हे या फासफेमिडान 85 ई.सी. का 250-300 मि.ली. /हे या मोनोक्रोटोफॉस 36 ई.सी. का 1 लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें।
कीट नीलापर्वता ल्यूगेन्स

प्रचलित नाम भूरा भूनगा फुदका
क्षति
  • पौधे के विभिन्न अंगों से कीट रस चूसते है, जिससे फसल फूल आने के पूर्व सूखने लगती है
  • फसल का सूखना घेरे मे होता है और घेरा धीरे-धीरे आकार मे बड़ा होता जाता है
  • फसल झुलसी सी दिखाई देती है
आई.पी. एम
  • प्रतिरोधी किस्मों जैसे मानसरोवर, ज्योति, अरूणा आदि का उपयोग करें।
  • धान के खेत के आस-पास की घास व खरपतवार का उन्मूलन करें।
  • जल निकासी की उचित व्यवस्था करें।
  • नत्रजन युक्त उर्वरकों का उचित व संतुलित मात्रा में उपयोग करें।
  • प्रकाश प्रपंच का प्रयोग करें।
  • अण्डा परजीवी-ऐनागरस स्पी एवं आलीगोसीटा स्पी, वयस्क एवं शिशु परभक्षी लाइकोसा स्पी मकड़ी का प्रयोग करें।
नियंत्रण
  • 1. रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर को पार कर ले।
  • भूरा भुनगा फूदका का आर्थिक देहली स्तर 5-10 कीट प्रति पेड़ी है।
  • मोनोक्रोटोफॉस का छिड़काव 600-700 मि.ली. प्रति हेक्टर की दर से(600 से 700 लीटर पानी में) करे ।
  • 10 प्रतिशत फोरेट रवेदार की 10 कि.ग्रा.#हे या 3 प्रतिशत कार्बोफ्यूरान दानेदार 30कि.ग्रा.#हेक्टर की दर से प्रयोग करें।
कीट लेप्टोकोरिसा ओरेटोरियस

प्रचलित नाम गंधी मक्खी
क्षति
  • शिशु एवं वयस्क कीट दानों में दूधिया अवस्था में दूध चूसते है।
  • बालियों में दाने नहीं बन पाते और वे पोचे रह जाते हैं।
  • दानोंपर किये गये छेदों कं चारों ओर काले या भूरे रंग के धब्बे दिखाई देते हैं।
आई.पी. एम
  • धान के खेत के आस-पास की घास व खरपतवार का उन्मूलन करें।
  • प्रकाश प्रपंच का प्रयोग करें।
नियंत्रण
  • रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर को पार कर ले।
  • गंधी मक्खी का आर्थिक देहली स्तर 1-2 कीट प्रति पेड़ी यानी 5 प्रतिशत है।
  • 2 प्रतिशत पैराथियान डस्ट का 25 कि.ग्रा.#हे के दर से सुबह के समय भुरकाव करें
  • 0.036 मोनोक्रोटोफॉस का छिड़काव 600-700 मि.ली. प्रति हेक्टर की दर से करे ।
कीटõ सोगोटेला फर्सीफेरा
प्रचलित नाम सफेद पीठ वाला भुनगा-फुदका

क्षति
  • शिशु एवं वयस्क पत्तियों तथा तने से रस चूसते हैं जिससे उस स्थान पर भूरे दाग पड़ जाते हैं।
  • पौधे की वृध्दि तक रूक जाती है।
  • कीट बधिता के कारण पत्तिसां रंगहीन होकर सिरे से नीचे की ओर सूखकर गोल हो जाती हैं।
  • कीट प्रभावित पत्तियां प्रारम्भ में पीली और बाद में उनका रंग ईंट के रंग के समान हो जाती हैं।
आई.पी. एम
  • गर्मी में गहरी जुताई करें तथा पौधे के ठुंठे को नष्ट करें।
  • प्रतिरोधी किस्मों जैसे सुरक्षा, शक्तिमान आदि का उपयोग करें।
  • धान के खेत के आस-पास की घास व खरपतवार का उन्मूलन करें।
  • जल निकासी की उचित व्यवस्था करें।
  • नत्रजन युक्त उर्वरकों का उचित व संतुलित मात्रा में उपयोग करें।
  • प्रकाश प्रपंच का प्रयोग करें।
  • अण्डा परजीवी-ऐनागरस स्पी एवं आलीगोसीटा स्पी, वयस्क एवं शिशु परभक्षी लाइकोसा स्पी मकड़ी का प्रयोग करें।
नियंत्रण
  • रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर को पार कर ले।
  • भूरा भुनगा फूदका का आर्थिक देहली स्तर 5-10 कीट प्रति पेड़ी है।
  • मोनोक्रोटोफॉस का छिड़काव 600-700 मि.ली. प्रति हेक्टर की दर से(600 से 700 लीटर पानी में) करे ।
  • 10 प्रतिशत फोरेट रवेदार की 10 कि.ग्रा.#हे या 3 प्रतिशत कार्बोफ्यूरान दानेदार 30 कि.ग्रा.#हेक्टर की दर से प्रयोग करें।

कीट हाइड्रेलिया स्पेसीज
प्रचलित नाम वर्ल मेगट

क्षति
  • नई कोंपलों के अन्तरशिरायों के तन्तुओं को नष्ट कर देती है।
  • कल्ले कम फूटते हैं।
  • नुकसान रोपाई से कल्ले फूटने तक होता है।
  • रूके हुये पानी में खेतों पर आक्रमण करता है।
  • आई.पी. एम
    • गरमी में खेत की जुताई करें , खेत की किनारी अच्छी तरह से बनाये तथा पौधे के ठूंठे को नष्ट करें।
    • जल्दी एवं समय पर बुवाई-रोपाई करें।
    • स्वस्थ एवं अच्छी नर्सरी बनायें।
    • बूटिंग के बाद दानेदार दवाओं का उपयोग न करें।
    • फूल की अवस्था में दवाओं का भुरकाव या छिड़काव दोपहर के बाद या शाम को करें।
    नियंत्रण
    • रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर को पार कर ले।
    • कार्बोफ्यूरान दानेदार 0.75 कि.ग्रा.(सक्रिय तत्व)/हेक्टर या फिप्रोनिल दानेदार 75 ग्रा.(सक्रिय तत्व)/हेक्टर की दर से प्रयोग करें।
    कीट स्क्रिपोफागा इंसर्टुलस
    प्रचलित नाम पीला तना छेदक
    क्षति
    • इल्लियां तने को अन्दर से खाकर नुकसान करती है।
    • पत्तियों की शिराओं को नुकसान पहुंचाती है।
    • अधिकतम फूल आने के पहले ही मूल गोभ से नुकसान होता है।
    • पौधों मे कुछ हद तक भरपाई अतिरिक्त कल्लों के कारण होती है।
    आई.पी. एम
    • कीट अवरोधी प्रजातियों जैसे रत्ना,जयश्री, दीप्ती, साकेत, विकास इत्यादि की बुआई करें।
    • नत्रजन युक्त उर्वरकों का उचित व संतुलित मात्रा में उपयोग करें।
    नियंत्रण
    • रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर को पार कर ले।
    • पीला तना छेदक के लिए आर्थिक देहली स्तर 10 प्रतिशत क्षति है।
    • कल्ले निकलते समय 3 प्रतिशत फ्यूराडिन 20-25 कि. ग्रा. #हे या 4 प्रतिशत कार्टफ 17-18 कि. ग्रा. #हे की दर से भुरकाव करे।
    • यदि आवश्यक हो तो पुष्पगुच्छ निकलने के पहले दोबारा भुरकाव करे।