फसल सिफारिशें

खरीफ फसल - कोदो

रोग प्रबंधन - कोदो

रोग

रस्ट

हिन्दी नाम

गेरूआ रोग

कारक जीवाणु 

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लक्षण एवं क्षति 

  1. प्रांरभिक अवस्था में पत्तियों पर भूरे धब्बे दिखाई पड़ते है।

  2. प्रकोप के समय प्रकाश संश्लेष्ण की क्रिया धीमी हो जाती है और अगर रोग का विकट प्रभाव हो तो उपज प्रभावित हो जाती है।
     

नियंत्रण

  1. डाईथेन एम.45 का 2 प्रतिशत घोल का उपयोग करें।

आई.पी. एम

  1. प्रतिरोधक या सहनशील किस्मों का उपयोग न करें।

  2. अत्याधिक नत्रजन का उपयोग करें।

  3. खेत में समय समय पर साफ सफाई करें।


रोग

अर्गट

हिन्दी नाम

अर्गट

कारक जीवाणु

क्लेवीसेप्स पसपाली

लक्षण एवं क्षति 

  1. यह एक फंफूदी रोग है।

  2. प्रांरभिक लक्षण में शहद जैसा मीठा पदार्थ दिखाई पड़ता है।जो कि बाद में भूरे और चिपचिपे पदार्थ में बदल जाता है।

  3. अगर इस रोग के दानों को खेत में छोड़ दिया जाए तो रोग और बढ़ जाता है।

नियंत्रण

  1. फसल चक्र अपनाए।

  2. खेत में समय समय पर साफ सफाई करते रहे।

  3. रोग मुक्त बीजों का उपयोग करें।

आई.पी. एम

  1. प्रतिरोधक किस्मों का उपयोग करें।

  2. खेत में समय समय पर सफाई करते रहें।

  3. फसल चक्र अपनायें।


रोग

हेड स्मट

 

हिन्दी नाम

कंडवा

कारक जीवाणु

सोरोस्पोरियम पसपाली थुनबर्गी

लक्षण एवं क्षति 

  1. यह बीज जनित फंफूदी रोग है।

  2. कोदो की ग्रसित बालियां काले रंग के पुंज में बदल जाती है।

नियंत्रण

  1. कार्बाडिजिम या क्लोरोथेलोनिल या रेक्सिल 2 ग्राम#हे की दर से बीज उपचारित करें।

आई.पी. एम

  • प्रतिरोधक किस्में जैसे जे.के. -41, जे.के-62, जे.के.-439, पी.एस.सी. -1, उगाए।

  • फसल चक्र अपनाए।

  • खेत की समय समय पर साफ सफाई करें।