फसल सिफारिशें

खरीफ फसल - मूंग

आई. पी. एम

  • गहरी जुताई, जल्दी बोनी एवं समय पर सिंचाई अच्छी फसल के लिए आवश्यक है।
  • प्रतिरोधक या सहनशील किस्मों का उपयोग करना चाहिए।

फसल किस्में क्षेत्र :-

  • पीला मोजेक वायरस पंत मूंग 2, पंत मूंग 3 मध्य पश्चिम उ.प्र.,बिहार
  • पी.डी.एम. 54, 84-139, 84-143 पंजाब, हरियाणा
  • पी.डी.एम. 11, एम.एल.-337, पंत मूंग-3 पश्चिम बंगाल
  • एम.यू.एम. 2, एम.एच. 88-111 दिल्ली एवं असम, उ.प्र. उत्तीय राजस्थान
  • चुर्णित आसिता टी.ए.आर.एम. 1, पूसा 9072 उडीसा, कर्नाटक, आन्ध प्रदेश, तमिलनाडु

यांत्रिक उपाय :-

  • प्रकाश प्रपंच (125 वाट मरक्यूरी वेपर बल्ब युक्त) का कीटों के आंकलन हेतु उपयोग करें ।
  • हानिकारक कीटों की विभिन्न अवस्थाओं को प्रारंभ में ही हाथों से एकत्रित कर नष्ट करें ।

रसायनिक उपाय :-

  • फोरेट या काबोयूरान 1.0 कि.ग्रा. /हे की दर से मिट्टी में बोनी के समय मिलाए जिससे पीला मोजेक वायरस का आक्रमण कम किया जा सकता है।

खरपतवार नियंत्रण :-

  • अन्तर सस्य क्रियाओं एवं निदाई गुड़ाई के द्वारा बुआई के 4 से 6 बाद तक फसल को नींदा रहित रखना चाहिए।
  • खेत की तैयारी, समय पर बोनी, उचित बीज दर, उर्वरक प्रबंधन से अच्छी फसल प्राप्त की जा सकती है।