फसल सिफारिशें

खरीफ फसल - मूंगफली

कीट प्रबंधन - मूंगफली

कीट एफिस क्रेसीवोरा
प्रचलित नाम फुदका
क्षति
  • कीट के शिशु और वयस्क तने के नाजुक भाग से रस चूसते है जिससे तना अकड़ जाता है और पत्ती तितर बितर हो जाती है।
  • ये मीठा चिपकने वाली फंफूद छोड़ते है जिस पर काली परत जम जाती है।
  • एफिड मूंगफली के धारी वाला वायरस और रोसीटी वायरस को फैलाता है।
आई.पी. एम
  • 4 ग्राम/ कि.ग्रा बीज की दर से ट्राइकोडर्मा विरीडी से उपचारित करें।
  • हानिकारक कीटों की विभिन्न अवस्थाओं को प्रारंभ में हाथों से एकत्रित कर नष्ट करें।
  • नीम आधारित जैव कीट नाशकों का उपयोग करें।
नियंत्रण
  • रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर को पार कर ले।
  • 36 एस.एल मोनोक्रोटोफॉस 600 मि.ली / हे या 30 ई.सी. डाईमेथोएट 650 मि.ली./हे 600 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें।
कीट ईयर वीग
प्रचलित नाम ईयर वीग
क्षति
  • शिशु और वयस्क कोमल फलियों को छेद देते है और उनके बीज खा लेते है।
  • संक्रमक फलियों पर फंफूद लग जात
आई.पी. एम
  • गर्मी में गहरी जुताई करें।
नियंत्रण
  • रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर को पार कर ले।
  • कार्बाफ्/यूरान या फोरेट को मिट्ठी में मिलाने से आक्रमण कम किया जा सकता है।
  • 10 प्रतिशत फोरेट 10 कि.ग्रा./हे का उपयोग करें।
कीट हेलीकोवर्पा आर्मीजेरा
प्रचलित नाम चने की इल्ली
क्षति
  • लार्वा पत्तियों को खाता है।
  • नई पत्तियों को खाने पर सममित छेद दिखाई देते है।
  • मिट्ठी में अण्डे देते है
आई.पी. एम
  • कीटों के अण्डे,इल्ली इत्यादि को भूमि के ऊपर लाकर गहरी जुताई करें जिससे ये नष्ट हो जाए।
नियंत्रण
  • रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर को पार कर ले।
  • मोनोक्रोटोफॉस इस कीट की रोकथाम के लिये प्रभावकारी है।
कीट ब्रूचिड
प्रचलित नाम ब्रूचिड
क्षति
  • धुसकर बीज खा लेता है।
  • फलियों के बाहर बड़े छेद किये जाते है जिससे वयस्क कीट को निकलने में सुविधा हो
आई.पी. एम
  • ऊँचाई तक मिट्ठी भर दे।
  • बैग का मुंह न तो सिले न ही बंद करें।
नियंत्रण
  • रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर को पार कर ले।
  • फलियों को ए.बी.सी. 5 ग्राम/कि.ग्रा. के चूर्ण को मिलाने से आक्रमण से एक साल के लिए मुक्त रहा जा सकता है।
  • थाईरम 3 ग्राम /कि.ग्रा फलियों को बीज के लिए उपचारित करके रखा जा सकता है।
  • सेलफॉस के ध्दारा भी कीट पर नियंत्रण किया जा सकता है।
कीट एबरोरिमा मोडीसिला
प्रचलित नाम लीफ माइनर
क्षति
  • लार्वा पत्तियों को छेदते है, मिसोफाइल को खाते है और छोटे भूरे धब्बे बनाते है।
  • बाद की अवस्थाओं में पत्तियों पर जाल बनाते है और खा लेते है।
  • अत्याधिक आक्रमण वाले खेत जले से दिखाई देते है।
आई.पी.एम
  • हानिकारक कीटों की विभिन्न अवस्थाओं को प्रारंभ में हाथों से एकत्रित कर नष्ट करें।
  • फारमेन प्रपंच का उपयोग करें।
  • ट्राइकोग्रामा चिलोनिस अण्ड परजीवी के अण्डे 50000 प्रति हेक्टेयर से कीट दिखते ही खेत मे छोड़े।
  • फसल चक्र अपनाए।
नियंत्रण
  • रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर को पार कर ले।
  • लीफ माइनर के लिए आर्थिक देहली स्तर 2-3 लार्वा प्रति पौधा है।
  • 25 ई.सी. क्वीनालफॉस 700 मि.ली /हे/ या मोनोक्र#ोटोफॉस 36 एस.एल. 750 से 600 मि.ली. हे 600 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।
कीट इमबोरसका केरी
प्रचलित नाम जेसिड
क्षति
  • कीट के शिशु और वयस्क पत्ती के मध्य भाग से रस चूसते है और टॉकसन छोड़ते है जिससे शिराओं सफेद हो जाती है और हरिमाहीन धब्बे दिखाई देते है जो अंग्रेजी के 'वी' अक्षर की तरह दिखाई देती है। अधिक आक्रमण वाली फसल पीली दिखाई देती है।
आई.पी.एम
  • प्रतिरोधक किस्मों का उपयोग करें।
नियंत्रण
  • रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर को पार कर ले।
  • जेसिड के लिए आर्थिक देहली स्तर 2-3 लार्वा प्रति पौधा है।
  • 36 एस.एल मोनोक्रोटोफॉस 600 मि.ली / हे या 30 ई.सी. डाईमेथोएट 650 मि.ली./हे 600 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें।

कीट ज्वेल बीटल
प्रचलित नाम ज्वेल बीटल
क्षति
  • कीट मिट्ठी के निकट के तने को छेद देती है। और पौधा मर जाता है।
  • संक्रमक खेत में मरे हुए पौधे दिखाई देते है और जब उन्हें उखाड़ा जाता है तो प्यूपा को तनो में देखा जा सकता है।
आई.पी. एम
  • प्रतिरोधक किस्मों का उपयोग करें।
  • गर्मी में गहरी जुताई करें।
  • अच्छी तरह सड़ी हुई खाद का उपयोग करें।
नियंत्रण
  • रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर को पार कर ले।
  • पंक्ति में कार्बाफ्/यूरान दानों का छिड़काव करें।
  • 2.25 कि.ग्रा. एक्टिव इनग्रेडिएट प्रति हेक्टेयर डाले।
कीट एतसेक्टा एलबीसस्ट्रीका मोरीए
प्रचलित नाम लाल रोएदार इल्ली
क्षति
  • कीट पत्तियों को इस कदर खाते है कि पौधा पत्ती रहित हो जाता है और ये इल्लियां एक खेत से दुसरे खेत तक पंहुच जाती है।
  • 30 से 40 दिन पत्तियां खाने के बाद ये मिट्ठी के अन्दर अण्डे देते है।
आई.पी. एम
  • मानसून के तुरन्त बाद 20-45 दिन के लिए प्रकाश फन्दे लगााना चाहिए और वयस्क मॉथों को एकत्रित करके मारना लाभकारी है।
  • खरीफ फसलों के बाद खेत को जोतकर परजीवीयों के लिए प्यूपा को ऊपर कर देना चाहिए।
नियंत्रण
  • वयस्क इल्लियों के आवागमन को शाकाहारी फन्दे जिसमें जंगली अरन्डी या सकला का उपयोग करके रोका जा सकता है।
  • 2 प्रतिशत मिथाइा पैराधियॉन का 25 से 30 कि.ग्रा/हे की दर से भुरकाव करें या पैराथियॉन 50 ई.सी. का 700-750 मि.ली. /हे की दर से 600 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।
कीट टेट्रानाइकस स्पी.
प्रचलित नाम लाल स्पाडर माइट
क्षति
  • कीट के वयस्क और शिशु पत्तियों के अन्दर के भाग से रस चूसते है।
  • पत्ती के नीचे भाग में जाल औश्र सफेद पत्तियों दिखाई पड़ते है।
  • पौधे की पत्तियों मर जाती है।
आई.पी. एम
  • जिससे ये नष्ट हो जाए।
  • पूर्व फसल के अवशेषों को उखाड़ कर नष्ट करें।
  • हानिकारक कीटों की विभिन्न अवस्थाओं को प्रारंभ में हाथों से एकत्रित कर नष्ट करें।
  • नीम आधारित जैव कीट नाशकों का उपयोग करें।
नियंत्रण
  • रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर को पार कर ले।
  • 1.5 मि.ली. / लीटर डाइकोफॉल या फोसलोन का छिड़काव करें।
कीट ओडोनटोटरमर्स ओबीसेस
प्रचलित नाम टरमाइट
क्षति
  • क्षति टरमाइट तने और जड़ को छेदने से पौधे मर जाता है।
  • फलियों को छेदकर बीज को नुकसान पंहुचाते है।
आई.पी. एम
  • अच्छी तरह सड़ी हुई खाद का उपयोग करना चाहिए।
  • कटाई के समय फसल को भौतिक क्षति से बचाए।
  • टरमाइट के नियंत्रण के लिए टरमाइटेरिया को नष्ट करना आवश्यक है।
नियंत्रण
  • रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर को पार कर ले।
  • क्लोरीफॉस को मिट्टी में मिलाने से टरमाइट का नियंत्रण किया जा सकता है।
  • बोनी के पहले 30 से 40 कि.ग्रा. /हे 5 प्रतिशत एलडरीन को मिट्टी में मिलाने से नियंत्रण किया जा सकता है।
कीट साइरटोथ्रिप्स डोरासीलस
प्रचलित नाम थिप्स
क्षति
  • कीट के वयस्क और शिशु पत्तियों का रस चूसते है जिससे पत्तियों पर सफेद धब्बे हो जाते है और नई पत्ती छिन-भिन्न हो जाली है।
  • अधिक संक्रमण पर पौधे अकड़ जाता है।
  • थिप्स बड़ नेक्रोसिस को फैलाते है।
आई.पी. एम
  • प्रतिरोधक किस्में बोये।
  • समय समय पर खेत का निरीक्षण करें जिससे कीट नियंत्रण के उपाय किये जा सके।
  • संक्रमक पौधे को उखाड़कर नष्ट करें।
नियंत्रण
  • रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर को पार कर ले।
  • यदि पांच या उससे अधिक थिप्स पत्ती पर दिखे तो किसी भी कीटनाशक का 30 दिन पुरानी फसल पर करें।
  • 36 एस.एल मोनोक्रोटोफॉस 600 मि.ली/हे या 30 ई.सी. डाईमेथोएट 650 मि.ली./हे 600 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें।
कीट
प्रचलित नाम तम्बाखु इल्ली
क्षति
  • इल्लियों के लार्वा पत्तियों को खाते है।
  • ये दिन में मिट्टी के पास छिप जाते है और रात में पत्तियों को अत्याधिक खाते है।
  • कभी कभी ये पत्ती इस कदर खाते है कि सिर्फ शाखायें और डन्ठल रह जाते है।
आई.पी. एम
  • वयस्क इल्लियों के आवागमन को शाकाहारी फन्दे जिसमें जंगली अरन्डी या सकला का उपयोग करके रोका जा सकता है।
  • खेत को खरपतवारों से मुक्त रखें।
नियंत्रण
  • रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर को पार कर ले।
  • तम्बाखू इल्ली के लिए आर्थिक देहली स्तर 2 लार्वा प्रति पौधा है।
  • 2 प्रतिशत मेथिल पैराथीयॉन 20 कि.ग्रा. /हे से भूरकाव करें या 36 ई.सी. मोनोक्रोटोफॉस 600 मि.ली. /हे 500 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।
  • वयस्क इल्लियों के लिए जहर ( गेहँ का आटा, गुण और मोनोक्रोटोफॉस 8:1:1 के अनुपात में) उपयोग करें।
  • स्पाइडोलटूरा लीटुरा एन.पी.वी. 260 एल.ई( 6 गुणक 10 घात 9 पी.ओ.बी. / एल.ई.)/हेया बेसीलियस थरूरिंगजेन्सिस 1 कि.ग्रा/हे की दर से छिड़काव करें।
कीट होलोट्रीटचा स्पी.
प्रचलित नाम सफेद ग्रप्बस
क्षति
  • ग्रप्बस जड़े के कोनों को खा लेता है जिससे अकड़े हुए पौधे हो जाते है और मर जाते है।
आई.पी. एम
  • गर्मी में गहरी जुताई करें।
  • अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद का उपयोग करें।
  • खेत के आसपास में आश्रयदायी पेड़ों से सफेद ग्रब्स के वयस्कों को इकटठा कर नष्ट करें।
नियंत्रण
  • रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग उस समय करना चाहिए जब कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर को पार कर ले।
  • तम्बाखू इल्ली के लिए आर्थिक देहली स्तर 2 लार्वा प्रति पौधा है।
  • 2 प्रतिशत मेथिल पैराथीयॉन 20 कि.ग्रा. /हे सु भुरकाव करें या 36 ई.सी. मोनोक्रोटोफॉस 600 मि.ली. /हे 500 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।