फसल सिफारिशें

खरीफ फसल - सुगंधित धान

रोग प्रबंधन - सुगंधित धान

रोग

 भूरा धब्बा

हिन्दी नाम भूरा धब्बा
कारक जीवाणु हेलमिनथोस्पोरियम ओरायजी
लक्षण एवं क्षति

  1. थाईरम 2.5 ग्राम प्रति कि.ग्रा. बीज से उपचारित करें। या कार्बाडजिम 1.5 ग्रा./ कि.ग्रा. बीज से उपचारित करें।
  2.  मेनेकोजेब 0.25 प्रतिशत की दर से 10 से 15 दिन के अंतराल में लक्षण दिखते ही छिड़काव करें।
आई.पी. एम
  1. प्रतिरोधक किस्मों का उपयोग करें।
  2. स्वच्छ खेती करें।
  3.  फसल चक्र अपनाए।
  4.  रोपण की तिथि में बदलाव करें।
  5.  उचित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करें।
  6.  उपयुक्त जल प्रबंधन करें।
  7.  पोटाश की कमी की पूर्ति के लिए पोटाश युक्त उर्वरकों का उपयोग करें।

रोग सीथ ब्लाइट  

हिन्दी नाम झुलसन रोग
कारक जीवाणु कॉटीशियम ससास्की
लक्षण एवं क्षति

  1. 1 लीटर/हे प्रोपाकोनाजोल या 2 लीटर/हे हेक्याकोनाजोल का 15 दिन के अंतराल से प्रारंभिक लक्षण दिखते ही छिड़काव करें।
  2.  10 कि.ग्रा. सूडोमोनास से बीज उपचारित करें। तथा बाद में 100 ग्राम 6 लीटर पानी में धोलकर 24 घंटे जड़ों को डुबाए। 
आई.पी. एम
  1. पूर्व फसल के अवशेष, खरपतवार एवं कीट के अन्य पोषक पौधों को उखाड कर नष्ट कर दें ।
  2.  मेढों की सफाई करें।
  3.  खेत मचाने के बाद पानी निकाल दें।
  4.  प्रतिरोधक किस्मों का उपयोग करें।
  5.  उर्वरक की संतुलित मात्रा का उपयोग करें।

रोग  फाल्स स्मट

हिन्दी नाम आभासी कंडवा
कारक जीवाणु  --
लक्षण एवं क्षति

  1. 1 मि.ली/लीटर प्रोपाकोनाजोल या क्लोरोथालोनाल 2 ग्राम/हे बालियां आते समय करें।
  2.  दूसरा छिड़काव बाली दाने के बाद करें। 
आई.पी. एम
  1. दो से तीन साल के लिए फसल चक्र अपनाए।
  2.  गहरी जुताई करने से मिट्टी में गिरे स्केलेशिया नष्ट हो जाते है।
  3.  संक्रमित दाने एवं पौधे के संक्रमित भागों को जलाकर नष्ट करें।
  4.  संक्रमित खेत से बीज न इकटठा करें।
     

रोग बेक्टीरियल लीफ ब्लाइट  
हिन्दी नाम शाकाणु झुलसन रोग

 
कारक जीवाणु

जेन्थोमोनास ओरायजी
लक्षण एवं क्षति

  1. मि.ली/लीटर प्रोपाकोनाजोल या क्लोरोथालोनाल 2 ग्राम/हे बालियां आते समय करें।
  2.  दूसरा छिड़काव बाली दाने के बाद करें। 
आई.पी. एम
  1. दो से तीन साल के लिए फसल चक्र अपनाए।
  2.  गहरी जुताई करने से मिट्टी में गिरे स्केलेशिया नष्ट हो जाते है।
  3.  संक्रमित दाने एवं पौधे के संक्रमित भागों को जलाकर नष्ट करें।
  4.  संक्रमित खेत से बीज न इकटठा करें। 

रोग  बेक्टीरियल लीफ स्टीक  
हिन्दी नाम धारीदार जीवाणु जनित रोग   
कारक जीवाणु जेन्थोमोनस कैम्पट्रिस
लक्षण एवं क्षति

  1. 15 ग्राम स्ट्रेपटोसाइक्लीन को 500 मि.ली. पानी में प्रति हे. की दर से छिड़काव करें।
आई.पी. एम
  1. रोग मुक्त बीजों का उपयोग करें।

रोग  खैरा रोग  
हिन्दी नाम  खैरा रोग

 
कारक जीवाणु  --
लक्षण एवं क्षति

  1. बीज को बोने से पहले रात भर जिंक सल्फेट के 0.4 प्रतिशत घोल में भिगाए। या जिंक सल्फेट 5 कि.ग्रा. और चूना 2.5 कि.ग्रा. का छिड़काव करें।
    पहला छिड़काव नर्सरी में बोने के 10 दिन बाद करें।
  2.  दूसरा छिड़काव बोनी के 20 दिन बाद करे और तीसरा छिड़काव रोपणी के 15 से 30 दिन बाद करें। 
आई.पी. एम
  1. रोपण के पहले 2 प्रतिशत जिंक ऑक्साइड के घोल में रोपा को डुबाये।

रोग टंग्रो वायरस  
हिन्दी नाम टंग्रो वायरस
 

कारक जीवाणु -
लक्षण एवं क्षति

  1. नर्सरी :कार्बोफ्यूरान के दाने 1 कि.ग्रा. ( सक्रिय तत्व) प्रति हेक्टेयर का भुरकाव करें।
  2.  कल्ले बनने के पहले और कल्ले आने के मध्य : कार्बोफ्यूरान के दाने 1 कि.ग्रा. ( सक्रिय तत्व) प्रति हेक्टेयर का भुरकाव करें। या मोनोक्रोटोफॉस का छिड़काव 0.5 कि.ग्रा. सक्रिय तत्व /हे करें।
आई.पी. एम
  1. रोपणी से पहले प्रभावित पौधों को अलग कर दे।
  2.  प्रभावित पौधों को अलग कर नष्ट कर दे और अतिरिक्त नत्रजन भरवाई के लिए डाले।