फसल सिफारिशें

खरीफ फसल - सूरजमुखी

कीट प्रबंधन - सूरजमुखी

कीट बेमेसिया टैबेकी
प्रचलित नाम सफेद मक्खी

क्षति -
आई.पी. एम
  • गहरी जुताई करें।
  • खेत में साफ सफाई करें।
  • अन्तरवर्तीय फसल के रूप में अरहर 2:1 के अनुपात में उगाए।
नियंत्रण
  • इमीडोक्लोपरीड 5 ग्राम/कि.ग्रा बीज की दर से बीज उपचार करें।
कीट स्पाइजोसोमा स्पी.

प्रचलित नाम पत्ती खाने वाली इल्ली
क्षति -
आई.पी. एम
  • गहरी जुताई करें।
  • खेत में साफ सफाई करें।
  • अन्तरवर्तीय फसल के रूप में अरहर 2:1 के अनुपात में उगाए।
  • हानिकारक कीटों के अण्ड समूह इल्लियों को एकत्रित कर बाँसों पर रखे
नियंत्रण
  • कीट का आर्थिक देहली स्तर कम होने पर नीम आधारित कीटनाशकों का छिड़काव करें।
  • यदि कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर से ज्यादा हो तो निम्नलिखित कीटनाशकों का छिड़काव करें।
  • फोसोलीन 35 ई.सी. 1000 मि.ली/हे की दर से छिड़काव करें।
कीट एमरासका बिगुलेटा

प्रचलित नाम फुदका ( जेसिड )
क्षति
  • वयस्क और शिशु दोनों पौधे का रस चूसते है।
  • संक्रमक पत्तियां हल्के पीले रंग की हो जाती है।
  • अधिक संक्रमण पर पत्तियां अन्दर की ओर मुड़ जाती है।
  • पत्तियों के किनारे हल्के गुलाबी हो जाते है।
आई.पी. एम
  • खेत में और मेढ़ों पर एवं आसपास सफाई रखें।
  • समय पर बोनी करें।
  • अधिक मात्रा में नत्रजन का उपयोग न करें।
  • अगर फसल के आसपास खेतों में जेसिड का प्रकोप हो तो उचित उपाय करें।
  • अरहर को अन्तरवर्तीय फसल के रूप में 2:1 के अनुपात में उगाए।
नियंत्रण निम्नलिखित कीटनाशकों में कोई भी निंयत्रण के लिए उपयोग करें।
  • डाईमेथोएट 30 ई.सी. 650 मि.ली/हे की दर से या डाईमेटोन 25 ई.सी. 650 मि.ली/हे या फास्फोमिडान 85 एस.एल. 300 मि.ली/हे की दर से यह छिड़काव 600 लीटर पानी/हे के साथ करना चाहिए।
  • अगर प्रकोप बना रहता है तो दूसरा छिड़काव 15 से 20 दिन बाद करे।
कीट एग्रोटिस इप्सीलोन
प्रचलित नाम चने की इल्ली

क्षति
  • यह कीट बहुभोजी है।
  • लार्वा अकुंरित पौधों को जमीन या जमीन के ऊपर से काटता है जिससे अकुंरित पौधे मर जाते है।
  • लार्वा का ऊपर का भाग भूरे रंग का होता है एवं हल्की स्लेटी रंग की धारी होती है।
  • बाजूओं में काली धारियां होती है।
  • बाजू हरे रंग का होता है।
आई.पी. एम
  • गर्मी में गहरी जुताई करें।
  • खेत और इसके आसपास मेढ़ों आदि में सफाई रखें।
  • खरपतवार नष्ट करें।
  • रिज और फेरो विधि से बोनी करें।
  • कीट के लार्वा को हाथ से एकत्रित करवाकर नष्ट करें।
  • अरहर को अन्तरवर्तीय फसल के रूप में 2:1 के अनुपात में उगाए।
नियंत्रण
  • कीटनाशकों का उपयोग आर्थिक देहली स्तर को पार करने पर ही करना चाहिए।
  • क्लोरोफायरीफॉस 20 ई.सी. 3.75 लीटर/हे को मिट्टी में छिड़काव करे।
कीट प्रीइस्टाकूला क्रमेरी
प्रचलित नाम पक्षियों द्वारा नुकसान
क्षति
  • दूध भरते समय से कटाई तक पक्षी फसल को नुकसान पंहुचाते है।
आई.पी. एम
  • पौधों की जल्दी रोपाई करें।
  • पक्षियों को भगाने के लिए खेत में बुत बनाये।
  • पटाखे फोड़े।
  • सुरजमुखी की खेती बड़े पैमाने पर करें।
  • पक्षियों को घोंसले को खेत और उसके आसपास नष्ट करें।
नियंत्रण
  • 10 ग्राम/लीटर नीम कर्नल के चूर्ण के घोल का अकुंरण पूर्व छिड़काव करें।
कीट सिप्लोसोमा ओब्लिका
प्रचलित नाम बिहार की रोएदार इल्ली

क्षति
  • कीट ग्रस्त पत्तियों का सूखना इस कीट के आक्रमण का प्रमुख लक्षण है।
आई.पी. एम
  • गर्मी में गहरी जुताई करें।
  • अच्छी तरह सड़ी हुई देशी खाद का उपयोग करें।
  • समय पर बोआई और स्वच्छ खेती करें।
  • हानिकारक कीटों के अण्ड समूह इल्लियों को एकत्रित कर नष्ट करें।
  • कीट का प्रकोप रोकने के लिए अरहर के साथ 2:1 के अनुपात में अन्तरवर्तीय फसल उगाए।
नियंत्रण
  • यदि कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर से कम हो तो 5 प्रतिशत नीम आधारित कीटनाशकों का छिड़काव करें।
  • यदि कीट की संख्या आर्थिक देहली स्तर से अधिक हो तो निम्नलिखित में से कोई भी कीटनाशक का छिड़काव करें।
कीट हेलीकोवरपा अर्मीजिरा
प्रचलित नाम चने की इल्ली
क्षति
  • यह कीट बहुभोजी है।
  • लार्वा अकुंरित पौधों को जमीन या जमीन के ऊपर से काटता है जिससे अकुंरित पौधे मर जाते है।
  • लार्वा का ऊपर का भाग भूरे रंग का होता है एवं हल्की स्लेटी रंग की धारी होती है।
  • बाजूओं में काली धारियां होती है।
  • बाजू हरे रंग का होता है।
आई.पी. एम
  • गर्मी में गहरी जुताई करें।
  • खेत और इसके आसपास मेढ़ों आदि में सफाई रखें।
  • खरपतवार नष्ट करें।
  • रिज और फेरो विधि से बोनी करें।
  • कीट के लार्वा को हाथ से एकत्रित करवाकर नष्ट करें।
  • अरहर को अन्तरवर्तीय फसल के रूप में 2:1 के अनुपात में उगाए।
नियंत्रण
  • कीटनाशकों का उपयोग आर्थिक देहली स्तर को पार करने पर ही करना चाहिए।
  • क्लोरोफायरीफॉस 20 ई.सी. 3.75 लीटर/हे को मिट्टी में छिड़काव करे।
कीट थाईसेनोप्लूसिया ओरीकेलसिया
प्रचलित नाम हरी अर्धकुंडलाकार इल्ली
क्षति
  • यह सुरजमुखी की पत्तियां खाने वाला प्रमुख कीट है।
आई.पी. एम
  • गर्मी में गहरी जुताई करें।
  • अच्छी तरह सड़ी हुई देशी खाद का उपयोग करें।
  • समय पर बोआई और स्वच्छ खेती करें।
  • हानिकारक कीटों के अण्ड समूह इल्लियों को एकत्रित कर नष्ट करें।
  • कीट का प्रकोप रोकने के लिए अरहर के साथ 2:1 के अनुपात में अन्तरवर्तीय फसल उगाए।
नियंत्रण
  • निम्नलिखित में से कोई भी कीटनाशक का उपयोग करे
    2 प्रतिशत मिथाइल पैराथीओन पाऊडर का 25 कि.ग्रा. /हे की दर से भुरकाव करें।
    0.05 प्रतिशत इल्डोसल्फान
    0.05 प्रतिशत डाईक्लारोवॉस
    0.05 प्रतिशत फेनीट्रोथीओन
    इन तीनों कीटनाशको का छिड़काव 600 -700 लीटर पानी में प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें।
कीट स्पोडेटेरा लीटूरा
प्रचलित नाम तम्बाखू इल्ली
क्षति
  • यह कीट पत्तियों पर आक्रमण करता है।
आई.पी. एम
  • गर्मी में गहरी जुताई करें।
  • अच्छी तरह सड़ी हुई देशी खाद का उपयोग करें।
  • समय पर बोआई और स्वच्छ खेती करें।
  • हानिकारक कीटों के अण्ड समूह इल्लियों को एकत्रित कर नष्ट करें।
  • कीट का प्रकोप रोकने के लिए अरहर के साथ 2:1 के अनुपात में अन्तरवर्तीय फसल उगाए।
नियंत्रण
  • निम्नलिखित में से कोई भी कीटनाशक का उपयोग करें।
  • 20 ई.सी. फेनवेलरेट 150 मि.ली/हे की दर से
  • 25 ई.सी. साइपरमेथरीन 125 मि.ली/हे की दर से
  • 2.8 ई.सी. डेल्टामेथरीन 375 मि.ली/हे की दर से